कार्यकारिणी की बैठक के माध्यम से जमीनी हकीकत का जायजा लेगी भाजपा

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इंडिया व्यू के लिए शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशती वर्ष के समापन पर राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में 24-25 तारीख को होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सहित भाजपा के करीब 1400 विधायक, 85 विधान परिषद सदस्य तथा संसद के दोनों सदनों के सभी 336 सांसद हिस्सा लेंगे, साथ ही 50 से अधिक केन्द्रीय मंत्री, 13 मुख्यमंत्री, पांच उपमुख्यमंत्री आैर राज्य सरकारों के 250 मंत्री एवं पार्षदों के साथ प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों समेत 2000 नेताओं को इसमें शामिल होने के लिये बुलाया गया है, ताकि अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति का तानाबाना बुना जा सके।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगले सप्ताह 24-25 तारीख को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशती वर्ष के समापन पर पार्टी की केन्द्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों की गरीब कल्याण उपलब्धियों का जायज़ा लिया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक के विषयों पर 24 सितंबर को पदाधिकारी मंथन करेंगे। 25 सितंबर को राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में भाजपा के करीब 1400 विधायक, 85 विधान परिषद सदस्य तथा संसद के दोनों सदनों के सभी 336 सांसद हिस्सा लेंगे। इनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, 50 से अधिक केन्द्रीय मंत्री, 13 मुख्यमंत्री, पांच उपमुख्यमंत्री आैर राज्य सरकारों के 250 मंत्री भी शामिल होंगे।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आमतौर पर स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों समेत 200 से कम सदस्य हिस्सा लेते हैं । इस बार इसमें हिस्सा लेने वालों की संख्या 2000 के आसपास होगी ।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में अभी डेढ़ साल बचा है लेकिन भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है । लिहाजा सभी सांसदों, सभी विधायकों एवं पार्षदों के साथ प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों समेत 2000 नेताओं को इसमें शामिल होने के लिये बुलाया गया है। ताकी अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति का तानाबाना बुना जा सके।
बैठक के दौरान राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जायेगा जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को शामिल किये जाने की संभावना है। राजनीतिक प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी राम माधव और विनय सहस्रबुद्धे को सौंपी गयी है । इसके अलावा एक आर्थिक प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से आए आर्थिक बदलाव और नोटबंदी के कारण बदली परिस्थितियों का जिक्र हो सकता है।
गौर करने वाली बात है की रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर सरकार के रूख की कुछ विपक्षी दलों समेत एक वर्ग आलोचना कर रहा है। दूसरी ओर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी के मुद्दे पर भी सरकार, कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के निशाने पर है। पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को कार्यक्रम आयोजन के लिये दिल्ली प्रदेश में समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी है ।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन खास माना जा रहा है, जो कुछ राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे । भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी लगातार अलग-अलग राज्यों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करने का प्रयास कर रहे हैं । भाजपा पिछले एक साल से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है जो पिछले साल केरल के कोझिकोड में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान तय हुआ था।

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