प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ को लेकर जन-जन तक पहुंचेगी बीजेपी साथ

bjp executive meeting

नई दिल्ली। शैलेश कुमार सिंह

गरीबी से मुक्त भारत, गंदगी से मुक्त भारत, आतंकवाद से मुक्त भारत, जातिवाद से मुक्त भारत, सांप्रदाय मुक्त भारत, एवं  भ्रष्टाचार से मुक्त भारत, ये छः विन्दु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नए भारत की सोच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नए भारत की सोच को ही साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत का आधार बनाया जायेगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जो खाका पेश किया गया है उसमें कहा गया है की अगले पांच वर्षो के लिए पार्टी की रणनीति में भय, भूख एवं भ्रष्टाचार से मुक्त भारत बनाने के लिए काम किया जायेगा। इसमें पड़ोसी देशों के साथ संबंध समेत विदेशी नीति, आतंकवाद एवं आतंकी संगठनों के खिलाफ सरकार के कदमों के अलावा आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा की स्थिति पर सरकार की सफलता का जिक्र किया गया है।

शरणार्थी की आड़ में आतंकवादियों की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं – भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने म्यांमार से भाग कर आने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या पर अपना रुख साफ करते हुए आज कहा कि सरकार इस मामले में मानवीय पहलुओं के आधार पर पूरी मदद को तैयार है लेकिन इसकी आड़ में देश में किसी आतंकवादी का प्रवेश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव पर जानकारी देने के लिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ने रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिये बंगलादेश को पानी एवं खाद्य सामग्री भेजी थी। मानवता के मुद्दे पर सरकार हर मदद को तैयार है लेकिन इसकी आड़ में कोई आतंकवादी घुस आए, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

बीजेपी सुचिता की राजनीति में विश्वास करती है : 

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश भर से आये पार्टी विधायकों, सांसदों, मुख्यमंत्रियों समेत पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सुचिता की राजनीति में विश्वास करती है। राजनीति ऐसी हो जो जनता के हितों के अनुरूप कार्य करें, जनता की समस्याओं का हल निकाले, जनता के जीवन में सुधार लाने का कार्य करे और हर व्यक्ति की आशा, आकांक्षा को पूरा कर सके। कहीं न कहीं बीजेपी अध्यक्ष श्री शाह ने यह स्पष्ट रूप से संकेत देने की कोशिश की है कि 2019 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद 2017 से लेकर 2018 तक गुजरात, हिमाचल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों में केंद्र सरकार की योजनाओं को जान-जन तक पहुंचाए।

जीएसटी का मतलब – एक कर एक राष्ट्र”, 

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान एक राजनीति प्रस्ताव भी पारित हुआ जिसमें पिछले तीन वर्षो में सरकार की ओर से आर्थिक एवं ग्रामीण विकास के संदर्भ में किये गए कार्यो की सराहना की गयी। इसमें सबसे पहला विषय ”एक राष्ट्र – एक कर” का था। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव पर जानकारी देते हुए बताया कि स्वाधीनता के बाद जीएसटी के रूप में मोदी सरकार ने सबसे बड़ी आर्थिक सुधार के क्षेत्र में पहल की है। जीएसटी को लागू करने के बारे में कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों की आलोचना के संदर्भ में गडकरी ने कहा कि जीएसटी लागू करने का काम स्वभाविक रूप से शुरू हुआ है। शुरुआत में थोड़ी समस्या आती है, लेकिन देश की आर्थिक स्थिति इससे बेहतर होगी और आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। कार्यकारिणी की बैठक में जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार कार्यक्रम को लागू करने पर प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौराधस धन्यवाद दिया गया।

मोदी सरकार की विदेश नीति में मिली अप्रत्याशित सफलता  

नितिन गडकरी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव पर जानकारी देते हुए बताया कि पुरानी सरकार की नीति और कार्यो पर हम कोई टीका टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन जो ठोस नीति चाहिए थी, वह नहीं थी। श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने एक तरफ विकास कार्यों को आगे बढाया, दूसरी ओर ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने की पहल की है, साथ ही आतंकवाद का सहारा लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने का प्रयास करने वालों पर कठोर कार्रवाई की। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने विदेश नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये हैं।

एक सवाल के जवाब में की बीजेपी का नारा- ” गरीबी से मुक्त भारत, कुछ उसी तरह से है जैसे एक समय श्रीमती इंदिरा गाँधी ने भारत से गरीबी हटाओ का नारा दिया था। इसके जवाब में बीजेपी नेता ने कहा कांग्रेस का नारा कांग्रेसी नेताओं की गरीबी हटाने के लिए दिया गया था, जबकि बीजेपी का नारा गरीबी से मुक्त भारत बनाने के लिए है।

 

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