सामाजिक

एक झटके में सरकारी नौकरी छोड़ कर पटना के रमांशु लौट आए बच्चों के पठन पाठन में

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-जय प्रकाश पटना। अब बात एक ऐसे युवक की। जिसके अध्ययन, अध्यापन की भूख आज भी नहीं मिटी है। जी, हां हम बात कर रहे हैं रमांशु मिश्र की। आपका उत्तर प्रदेश के बलिया से तालुक है। आपने शिक्षा लखनऊ

मिलिए ब्रजेश दुबे से, जिन्होंने गांव में रोजगार सृजन का लिया संकल्प और गांव में लगा दी फैक्ट्री

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इंडिया व्यू ब्यूरो। नई दिल्ली। गिरमिटिया पीड़ा को झेल चुके ब्रजेश दुबे गांव में ही शिक्षा लेने के बाद रोजी रोजगार की तलाश में गुजरात की ओर रूख किए। झटके खाए, लेकिन कुछ कर गुजरने की आग को बुझने नहीं

प्रधानमंत्री ने अगस्त क्रांति के ऐतिहासिक दिन को करते यह रिपोर्ट शेयर की

narendra modi

इंडिया व्यू ब्यूरो नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर नौ अगस्त के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए कुछ रिपोर्ट के पेज को साझा किया है। बताया जा रहा है कि अंग्रेजों की ओर से फाइल की गयी एक

इराक में मारे गए परिजनों के साथ हमेशा था और हमेशा रहूंगाः ओम प्रकाश

om prakash yadav mp

इंडिया व्यू ब्यूरो। नई दिल्ली/सीवान। लोकसभा सांसद ओम प्रकाश यादव  इराक की घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मैं इससे व्यथित हूं। इस घटना में मेरे सीवान के दो भाई शामिल हैं। इन परिवारों के लिए मैं

आज भी लोगों के दिलों में धड़कते हैं डॉ. रामएकबाल बाबु

dr. ramekbal sinha

-जय प्रकाश* इस दुनिया कुछ ऐसे लोग होते हैं, जो भले ही इस दुनिया में न हों, लेकिन लोगों के दिलों में रचते हैं। लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। बसते हैं। और हमेशा के लिए धड़कते हैं। कुछ

नए प्रयोग के ‘जादूगर’ हैं बिहार के आईएएस राहुल कुमार

rahul kumar ias

गांव के लोगों से तालमेल बैठाने, उनके लिए विकास की नई इबारत लिखने, खुले में शौच मुक्त गांव बनाने, सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने, गांव के लोगों के साथ रात बिताने, उनके साथ खाने पर विकास की बात करने आदि पहल

बिहार के डॉ. राजे बनें ब्रिटेन की महारानी के मेहमान

dr. rajay narayan

इंडिया व्यू के लिए ब्यूरो रिपोर्ट। बिहार के एक लाल ने फिर लंदन में देश का नाम मान बढ़ाया है। वरिष्ठ हृद्य रोग विशेषज्ञ डॉ. राजे नारायण ब्रिटेन की महारानी के विशेष मेहमान बनें। उन्हें बर्किंघम पैलेस में भोज पर

दिल्ली की चकाचौंध छोड़ गांव पहुंचे संतोष, बच्चों की जिंदगी संवारने का संकल्प

santosh rathod

इंडिया व्यू के लिए ब्यूरो रिपोर्ट। दुनिया की चकाचौध छोड़ना कोई आसान काम नहीं होता है। लेकिन, जिसने भी यह ठान लिया कि मां, मातृभूमि और माताभाषा के लिए जीना और मरना है तो उसके लिए यह एक झटके का

एक ऐसे प्रोफेसर जो आदिवासी इलाकों में जगा रहे हैं रंगकर्म का अलख

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भुवनेश्वर से इंडिया व्यू के लिए रवि की रिपोर्ट। काम करने का जुनून सवार हो तो इंसान क्या कुछ नहीं करता है। ऐसे ही एक ऐसे प्रोफेसर हैं जो ओडिशा के सुदूर आदिवासी इलाकों में नाट्य-कला का अलख जगा रहे