छत्तीसगढ़ ने केंद्र से मांगा बस्तर डेव्हलपमेंट प्लान के लिए राशि का प्रावधान

amar agrawal

इंडिया व्यू ब्यूरो।

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य कर मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण की योजनाओं के लिए आगामी बजट में अधिक राशि के प्रावधान किया जाये। उन्होंने यह मांग नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित केन्द्रीय बजट पूर्व बैठक में की । उन्होंने बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से  अन्य सुझाव भी दिये । इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली व छत्तीसगढ़ के  प्रमुख सचिव वित्त अमिताभ जैन भी उपस्थित थें।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ की जनसंख्या का लगभग आधा भाग अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्गो से हैं, वर्ष 2018-19 के बजट में इन वर्गों के कल्याण के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक पुख्ता व्यवस्था बनायी जाये। श्री अग्रवाल ने कहा कि, देश में 35 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में से 8 जिलें छत्तीसगढ़ के हैं। इन जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए 4433 करोड़ रूपये की कार्ययोजना बस्तर प्लान बना कर नीति आयोग की विशेष पहलों के अंतर्गत स्वीकृति हेतु प्रस्तावित किया गया था।

श्री अग्रवाल ने  नक्सल प्रभावित राज्यों के अति नक्सल प्रभावित जिलों के लिये हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष केन्द्रीय सहायता पैकेज के लिये छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से आभार व्यक्त किया  और  कहा कि भविष्य में भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जायेगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, राज्य के 8 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के लिए 150 नई बैंक शाखाएं खोलने हेतु केन्द्र सरकार के वित्तीय सेवाए विभाग तथा राज्य  सरकार एवं बैंको द्वारा संयुक्त रूप से शाखाए/एटीएम  खोले जाने की सहमति प्राप्त हो गयी हैं एवं 50 बैंक शाखाए/एटीएम  खोली जा चुकी हैं। वर्तमान में 88 स्थानों  पर अभी भी बैंक शाखा/एटीएम खोलनें के लिए आपके सहयोग की आवश्यकता हैं। उन्होंनेे कहा कि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में लगभग 25 हजार कि.मी. लंबाई  की सड़कों का नेटवर्क तैयार किया जा चुका हैं। इन सड़कों के मेंन्टेनेन्स का व्यय काफी अधिक हैं। अनुरोध है कि इसके लिए वर्तमान आवंटन से व्यय करने की अनुमति का प्रावधान आगामी बजट में किया जाये। श्री अग्रवाल  ने नक्सल समस्या उन्मूलन हेतु राज्य में तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों पर होने वाले व्यय 6 हजार 400 करोड़ रूपये की राशि को राज्य सरकार से ना लिए जाने का आग्रह किया हैं।

श्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत स्वीकृत राशि पूर्ण रूप से राज्य को प्राप्त नहीं हो रही हैं, जिससे राज्य पर वित्तिय भार अधिक पड़ रहा हैं। इस संबंध मे उन्होने अनुरोध करते हुए कहा कि, यह राशि समय पर एवं प्रावधान अनुसार जारी की जाए ताकि शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकें। सौभाग्य योजना जिसमें बीपीएल परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिया जाना हैं  के मापदण्ड में छुट दिए जाने की मांग करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि, 50 से अधिक जनसंख्या वाले मजरों-टोला को भी योजना में कवर किया जाए। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य से सटे अमरकंटक, मध्यप्रदेश में  संचालित केन्द्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय का एक कैम्पस बस्तर की  जनजातियों के विशेष अध्ययन हेतु खोलने की मांग की हैं। उन्होने राज्य मे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाने का भी आग्रह किया हैं। श्री अग्रवाल ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि, राज्य के इन सुझावों व मांगो पर केन्द्र सकारात्मक रूख अपनाएगा और इससे आगामी बजट को और अधिक जनहितकारी बनाने में मदद होंगी।

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