प्रधानमंत्री जी…गुजरात में प्रवासियों पर हो रहे तांडव को तत्काल रोकिए-अजय तिवारी

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इंडिया व्यू के लिए राकेश सिंह परमार

प्रेस क्लब (नई दिल्ली)। गुजरात में जिस तरह से प्रवासियों को प्रताडित किया जा रहा है। उन्हें गुजरात छोड़ने की धमकी दी जा रही है। यह पीडा सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि पूरे देश की पीडा है और सभी को कष्ट हो रहा है।  महाराष्ट्र में प्रवासियों पर कहर बरपाया जा रहा था। उसी की तर्ज पर गुजरात में बिहार एवं यूपी के लोगों के साथ मारपीट और गुजरात छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है और देश के प्रधानमंत्री चुपी बांधे हुए हैं।  भारतीय प्रवासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय तिवारी ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही और तत्काल इस पर कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री जी गुजरात में प्रवासियों पर हो रहे तांडव को तत्काल रोकिए। भारत देश सबका है। किसी एक राज्य और किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है। इसकी एकता एवं अखंडता में वासी, प्रवासी और अप्रवासी तीनों का योगदान है। हर राज्य के नागरिक को हर राज्य में रहने, पढ़ाई करने और नौकरी करने और व्यापार करने का अधिकार है।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो स्वयं गुजरात से आते हैं उन्होंने पूर्वांचल और पूरे देश ने अपनी देश का प्रधानमंत्री बनाया और उन्हीं के राज्य में बिहार और यूपी के लोगों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।

-अजय तिवारी, अध्यक्ष, भारतीय प्रवासी परिषद

श्री तिवारी ने कहा कि राजनीति करने वाले लोग हमेशा से कभी जाति, कभी भाषा तो कभी धर्म के नाम पर बांटा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो स्वयं गुजरात से आते हैं उन्होंने पूर्वांचल और पूरे देश ने अपनी देश का प्रधानमंत्री बनाया और उन्हीं के राज्य में बिहार और यूपी के लोगों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।

यूपी और बिहार के मुख्यमंत्रियों से मांग की कि उन्हें इस विषय को तत्काल उठाना चाहिए। अभी तक दोनों राज्य की सरकारों ने क्या कदम उठाया है। इसका कोई असर गुजरात में देखने को नहीं मिल रहा है। श्री तिवारी ने पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रवासी कल्याण बोर्ड बनाने की मांग की और गुजरात में हो रहे तांडव पर जल्द से जल्द रोक लगाने की मांग की।

मुझे याद है जब प्रधानमंत्री कहते थे बिहार के जब मजदूर गुजरात जाते हैं तो उसकी मां यूपी और बिहार में चिंतित रहती थी लेकिन, जैसे ही ट्रेन गुजरात पहुंचती थी तो उसकी मां निश्चिंत हो जाती थी। आज वही मां गुजरात में अपने बेटे के लिए चिंतित है। उस मां से क्या कहेंगे जिसके कलेजे का टूकरा गुजरात में है और वह अपने बेटे की कुशलता के लिए तड़प रही है।

-निर्मल  सिंह, अध्यक्ष, वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन

वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने कहा कि यह किसी पार्टी नहीं बल्कि माटी की बात है। पूर्वांचल वासियों पर हो रहे मारपीट पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब कहां गया गुजरात मॉडल। क्या यही गुजरात मॉडल है। जहां बाहरी लोगों से मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती है।

श्री सिंह ने कहा कि मुझे याद है जब प्रधानमंत्री कहते थे बिहार के जब मजदूर गुजरात जाते हैं तो उसकी मां यूपी और बिहार में चिंतित रहती थी लेकिन, जैसे ही ट्रेन गुजरात पहुंचती थी तो उसकी मां निश्चिंत हो जाती थी। आज वही मां गुजरात में अपने बेटे के लिए चिंतित है। उस मां से क्या कहेंगे जिसके कलेजे का टूकरा गुजरात में है और वह अपने बेटे की कुशलता के लिए तड़प रही है।

श्री सिंह ने पूर्वांचल वासियों से अपील की कि देश में जहां भी गुजरात के लोगों हों उनका आप सम्मान करें उन्हें अपने आदर से उनकी गलती का अहसास कराएं। देश को यह समझा चाहिए कि जब राज्य टूटेगा तो देश टूटगा। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि पूर्वांचल के लोगों ने आपको अपनी पलकों पर बैठाया और आपके ही राज्य में क्या हो रहा है। इस मामले मेंं हस्तक्षेप तो किजिए।

प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रमोद तिवारी, अविनाश कुमार, प्रमोद सिंह, आर्दश शंकर आदि थे।

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