हुक्मदेव नारायण यादव सहित पांच लोगों को मिला उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार

hukum dev narayan

इंडिया व्यू ब्यूरो।

नई दिल्ली भारत के माननीय राष्ट्रपति,  राम नाथ कोविंद ने आज संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित समारोह में पूर्व राज्य सभा सांसद,डॉ. नजमा ए. हेपतुल्ला; लोक सभा सांसद,  हुक्मदेव नारायण यादव; राज्य सभा सांसद,  गुलाम नबी आज़ाद; लोक सभा सांसद,  दिनेश त्रिवेदी और लोक सभा सांसद,  भर्तृहरि महताब को क्रमशः वर्ष 2013, 2014, 2015, 2016 और 2017 के लिए उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार प्रदान किए ।

माननीय राष्ट्रपति, माननीय उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति,  एम. वेंकैया नायडू; माननीय प्रधान मंत्री,  नरेंद्र मोदी; माननीय लोक सभा अध्यक्ष, मती सुमित्रा महाजन ने इस अवसर पर उपस्थित विशिष्टजनों को संबोधित किया ।

उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार से सम्मानित सभी सांसदों को बधाई देते हुए भारत के माननीय राष्ट्रपति,  रामनाथ कोविंद ने कहा कि इन सभी सांसदों ने सभा की मर्यादा को अक्षुण्ण रखते हुए अपने ज्ञान और विवेक से सभा की कार्यवाही को समृद्ध बनाया है । श्री कोविंद ने इस बात पर जोर दिया कि संसद सदस्यों में चर्चा और विचार-विमर्श में शालीनता बनाए रखने और वाक्चातुर्य और हाजिरजवाबी जैसे गुणों से हमारे युवा प्रेरित होते हैं।

श्री कोविंद ने यह राय व्यक्त की कि सभी संसद सदस्य हमारे करोड़ों देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं के लिए जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता और विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों के लोगों को अपने प्रतिनिधियों से बहुत आशाएं हैं। उन्हें यह अपेक्षा रहती है कि उनके प्रतिनिधि उनके और उनके बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सभी संभव प्रयास करेंगे और इसी कारण वेआशा करते हैंकि उनके प्रतिनिधि आम आदमी के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करें।  कोविंद ने कहा कि लोगों की अपेक्षाओंपर खरा उतरना ही हमारी संसदीय प्रणाली की सफलता की कसौटी है ।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति,  एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि पांच सर्वोत्तम सांसदों को पुरस्कार प्रदान किए जाने से न केवल अन्य संसद सदस्यों बल्कि राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को भी अनुकरणीय संसदीय कार्य निष्पादन और आचरण के नए मानदंड स्थापित करने की प्रेरणा मिलेगी।  नायडू ने यह आशा व्यक्त की कि इस अवसर पर सभा की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किए जाने की प्रवृत्ति पर आत्म-मंथन करने का मौका मिलेगा जिसके कारण सांसदों और हमारी संसदीय संस्थाओं के काम-काज के बारे में नकारात्मक छवि बन गई है। उन्होंने कहा कि सांसद अलग-अलग राजनीतिक दलों से हो सकते हैं और उनकी विचारधारा भी अलग हो सकती है, लेकिन भारत को एक सबल, सुदृढ़ और समृद्ध देश बनाना और विकास के लाभ सभी लोगों तक पहुंचाना हमारा साझा लक्ष्यहोना चाहिए ।

अपने स्वागत भाषण में लोक सभा अध्यक्ष, सुमित्रा महाजन ने कहा कि भारतीय संसदीय ग्रुप द्वारा स्थापित उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार उन सांसदों को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने सांसद के रूप में संसदीय परम्पराओं और आचरण के उच्च मानदंड स्थापित किए हों । उन्होंने इस बात की सराहना की कि इस पवित्र संस्था की कार्यवाही पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले तेजस्वीसदस्यों की सूची में पांच और विशिष्टसांसदों के नाम जुड़ने जा रहे हैं ।

मती महाजन ने कहा कि डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने राज्य सभा की पीठासीन अधिकारी के रूप में संसदीय प्रणाली और परम्पराओं को समृद्ध बनाने में व्यापक योगदान दिया है ।उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपने अनुकरणीय कूटनीतिक और प्रशासनिक कौशल का परिचय दिया है।

हुक्मदेव नारायण यादव की अनूठी भाषा शैली और संसदीय चर्चाओं में उनके धारदार तर्कों की सराहना करते हुए मती महाजन ने कहा कि वह एक समर्पित और लोकप्रिय नेता हैं जो अपनी सशक्त वक्तृत्व कला से आम आदमी के सरोकारों को मुखरित करते हैं ।

यह टिप्पणी करते हुए कि  गुलाम नबी आजाद एक अनुभवी और सुलझे हुए राजनीतिज्ञ हैं, मती महाजन ने कहा कि उनकी राजनीतिक समझ, व्यवहार कुशलता और अनुभव के कारण पक्ष-विपक्ष दोनों ही सदस्य  उनका समान रूप से आदर करते हैं।

श्रीमती महाजन ने यह भी कहा कि  दिनेश त्रिवेदी एक गंभीर और प्रबुद्ध सांसद के रूप में जाने जाते हैं  और सभा में उनकी प्रस्तुति और गंभीर तर्क संसदीय वाद-विवाद में उच्च स्तर के परिचायक हैं।

लोकप्रिय और मृदुभाषी लोकसभा सदस्य,  भर्तृहरि महताब के राजनीतिक करियर के बारे में बताते हुए मती महाजन ने कहा कि उनके विद्वतापूर्ण भाषण और लोकसभा में विभिन्न विषयों पर चर्चाओं और वाद विवाद में उनकी भागीदारी उन्हें उन प्रतिष्ठित सांसदों की श्रेणी में ले जाती हैं जो सारगर्भित रूप से अपने विचार व्यक्त करते हैं ।

श्रीमती महाजन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था शासन प्रणाली की सबसे परिष्कृत प्रणाली है और विचार विमर्श, वाद विवाद और सहमति-असहमति हमारे लोकतंत्र को प्राण वायु प्रदान करते हैं लेकिन यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि यह विमर्श और चर्चाएं संसद की स्वीकृत मर्यादाओं और शालीनता की लक्ष्मण रेखा के भीतर ही होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे लोकतंत्र के प्रति आम जनता में विश्वास और बढ़ेगा।

पुरस्कार ग्रहण करते हुए पुरस्कृत सांसदों – डॉ नजमा ए. हेपतुल्ला,  हुक्मदेव नारायण यादव,  गुलाम नबी आज़ाद,  दिनेश त्रिवेदी और भर्तृहरि महताब  ने अपनी राजनीतिक यात्रा के संस्मरण बताए और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुने जाने पर भारतीय संसदीय ग्रुप को धन्यवाद दिया ।

लोकसभा की महासचिव, स्नेहलता श्रीवास्तव ने डॉ नजमा हेपतुल्ला,  हुक्मदेव  नारायण यादव,  गुलाम नबी आजाद,  दिनेश त्रिवेदी और  भर्तृहरि महताब को प्रदान किए गए प्रशस्ति पत्र पढ़कर सुनाए।

उत्कृष्ट सांसद पुरस्कारएक ऐसा सम्मान है जोसंसदीय प्रणाली में सकारात्मक और सार्थक योगदान करने वाले, सभा की गरिमा को बनाए रखने वाले और अनुकरणीय दृष्टांत प्रस्तुत करने वालेउत्कृष्ट सांसदों को प्रदान किया जाता है। वर्ष 1992 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत मेमोरियल सोसायटी ने हमारे संसदीय लोकतंत्र में अनुकरणीय सेवाएं प्रदान करने वाले सांसदों को सम्मानित करने की पहल की। वर्ष 1995 से भारतीय संसदीय ग्रुप ने प्रति वर्ष एक वर्तमान सांसद को उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार प्रदान किए जाने की शुरुआत की। यह पुरस्कार समिति की सिफारिश पर और भारतीय संसदीय ग्रुप की कार्यकारी समिति के अनुमोदन से प्रदान किया जाता है।

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