बोर्ड परीक्षा में ‘एग्जाम फोबिया’ से बचने के दस उपाय

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इन दिनों परीक्षा का समय होता है। 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली है, ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले तमाम छात्र कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ये परीक्षाएं हर छात्र के लिए बहुत मायने रखती है। इन परीक्षाओं से छात्र की जिंदगी की दिशा का निरधारण होता है। मार्क्स जितने अच्छे होंते हैं, उतने अच्छे कॉलेज में एडमिशन होता है,  साथ हीं कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बोर्ड में अच्छे मार्क्स की योग्यता जरूरी होती है इसके अलावा अच्छी जॉब के लिए भी दसवीं और बारहवीं बोर्ड के अच्छे परिणाम को तरजीह दी जाती है। यही वजह है कि छात्र बोर्ड की परीक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहते हैं। साल के शुरूआत से हीं परीक्षा की तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आती है, अच्छी तैयारी के बावजूद छात्रों की घबराहट बढ़ने लगती है और कई बार डर की वजह से परिणाम भी प्रभावित हो जाते हैं, यही डर एग्जाम फोबिया कहलाता है तो आइए जानते हैं कैसे बच सकते हैं एग्जाम फोबिया से। बता रही हैं वरिष्ठ पत्रकार पूजा मिश्रा..।

1-ऑल इज वेल

बिल्कुल सही समझा आपने। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को हौव्वा ना बनाएं बल्कि इसे अपनी जिंदगी में एक सीख की तरह लें। ऐसी सीख जो हमें जिंदगी में आगे बढना सीखाती है। मुश्किलों से लड़ना सीखाती है इसलिए थ्री इडीयट फिल्म की तरह अपने दिल पर हाथ रखें और कहें ऑल इज वेल। जब आपकी तैयारी अच्छी है तो फिर घबराना क्यों?

2-तैयारी को एंज्वॉय करें

परीक्षा की तैयारी डर कर नही खुश होकर करें, इससे आपका पढ़ाई में मन लगेगा और जब आपका पढ़ाई में मन लगेगा तो तैयारी भी अच्छी होगी।

3-समझ कर पढें

एग्जाम करीब आते हीं डर की वजह से हम पढ़ाई को रटना शुरू कर देते हैं। पढ़ाई का ये तरीका गलत है। पढ़ाई को रटने की बजाए समझने की कोशिश करें, रटी हुई चीज आप थोड़े दिन के बाद भूल जाएंगे, लेकिन अगर आपने समझ कर पढ़ा है तो ये आप कभी नही भूलेंगे और आपका कॉफिडेंस लेवल भी बढेगा।

4-एग्जाम के पहले बचे समय मे टाइम रिशेड्यूल करते रहें

तनाव की एक बड़ी वजह टाइम मैनजमेंट का सही ना होना भी है। आपके पास जितना समय बचा है। उसमे ओवरऑल रिवीजन के हिसाब से टाइम रिशेड्यूल करते रहें, जिसमें हर सब्जेक्ट के रिवीजन के लिए वक्त निकालें। इससे आप खुद पर दवाब महसूस नही करेंगे। अगर आपका एक्जाम शुरू हो गया हो तो भी पढ़ाई और रिवीजन के लिए टाइम का शेड्यूल बनाएं।

5-दूसरे की तैयारी को ना देखें

अपने बारे में सोचें। दूसरे ने इतना याद कर लिया,उसे सबकुछ आता है, ये सोचेंगे तो सिर्फ परेशान होंगे। अपनी तैयारी पर विश्वास रखें और समय के साथ आगे बढे।

6-अपना 100% दें

जब आप अपना सौ फीसदी दे रहे हैं तो फिर डरने की क्या जरूरत है। 100 फीसदी का मतलब ये नही है कि आप सिर्फ दिन-रात किताबों में ही डूबे रहें, 100 फीसदी का मतलब ये है कि आप जितनी देर पढ़े, जो भी पढ़ें उसे अपना बना लें, उसे लेकर आप खुद में इतना कॉन्फिडेंस डेवलप करें कि इसमें आपको कोई बीट नही कर सकता।

7-अपने वीक प्वाइंट को समझे

अपने आप को आप ही बेहतर समझ सकते हैं। इसलिए अपनी कमजोरियों से भागे नहीं,बल्कि इस पर शुरू से काम करें। मतलब आप जिस सब्जेक्ट में कमजोर हैं, उसकी तैयारी पर विशेष ध्यान दें, इसके लिए आप ट्यूशन या कोचिंग का सहारा ले सकते हैं।

8-पैरेंट्स की बातों को प्रेशर की तरह ना लें

हर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी जिंदगी के हर एग्जाम में बेस्ट करें, ऐसा इसलिए ताकि आगे चलकर आपकी मेहनत का फल आपको मिले और जिंदगी का सफर आसान हो सके पर इसका मतलब ये बिल्कुल नही कि अगर आप एग्जाम में अच्छा नही करेगें तो वो आपसे प्यार नही करेंगे।

9-मार्क्स का प्रेशर ना लें

डर और टेंशन की बड़ी वजह अच्छे मार्क्स लाने का प्रेशर होता है। मॉडल पेपर की खूब प्रेक्टिस करें, ताकि आपकी लिखावट साफ-सुथरी और तय समय में एग्जाम देने की आदत बन जाए। जब आप अच्छा लिखेंगे, तो फिर अच्छे मार्क्स क्यों नही आएंगे।

10-डर के आगे जीत है

सबसे बड़ी बात परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ बैठें, डर और टेंशन दूर करने के लिए योगा और मेडिटेशन करें, अच्छी नींद लें, संतुलित आहार लें,आपको सफलता जरूर मिलेगी।

*( लेखक टीवी पत्रकारिता से जुड़ी हैं। कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनलों में बतौर एंकर न्यूज प्रस्तुत कर चुकी हैं। महुआ न्यूज चैनल में वरिष्ठ एंकर के रुप में पदस्थापित थी। वर्तमान में कई राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं एवं डिजीटल मीडिया के लिए काम कर रही हैं।)

One Response to बोर्ड परीक्षा में ‘एग्जाम फोबिया’ से बचने के दस उपाय

  1. रमेश शंकर says:

    अच्छी जानकारी देने के लिए पत्रकार पूजा जी एवं इंडिया व्यू को धन्यवाद।

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