IAS-IPS दंपति ने लिया शहीद परमजीत सिंह की बेटी को गोद

IAS YUNUS KHAN AND IPS ANJUM ARA

इंडिया व्यू के लिए कुल्लू से वीरेंद्र सिंह की रिपोर्ट

हिमाचल कैडर के आईएएस यूनुस खान और आईपीएस अंजुम आरा दंपति ने अनूठी मिसाल पेश किया है। सीमा पर शहीद हुए नायब सूबेदार परमजीत सिंह की बेटी को गोद लिया है। पालन पोषण से लेकर शादी तक के तमाम जिम्मेवारियों का निर्वहन करेंगे। आईएएस यूनुस एक पिता की भूमिका में रहेंगे और आईपीएस अंजुम आरा मां की ममता देंगी। हालांकि यह बेटी अपनी मां और भाई-बहन के साथ ही रहेगी। लेकिन उसकी परवरिश का सारा दायित्व यूनुस खान एवं अंजुम आरा ने लिया है। आईएएस यूनुस खान कुल्लू में जिलाधिकारी हैं जबकि अंजुम आरा सोलन की एसपी हैं। इन लोगों के इस कदम की सराहना सोशल मीडिया पर जम कर हो रही है।

अंजुम आरा, जोकि वर्तमान में सोलन जिला में बतौर पुलिस कप्तान मौजूद है। अंजुम आरा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने आईपीएस बनने से पहले इंजीनियरिंग में बीटैक की डिग्री हासिल की है। अंजुम 2011 बैच की आईपीएस अफसर हैं। जबकि यूनुस खान 2010 बैच के आईएएस हैं। इन दोनों की चार साल की बेटी भी है।

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आईपीएस अंजुम आरा सोलन हिमाचल प्रदेश की एसपी हैं

बताया जा रहा है कि देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले जांबाज सैनिक के परिवार को अपना परिवार मानकर उनके पालन-पोषण के दायित्व के निर्वहन का ख्याल जैसे ही आईएएस यूनुस और पत्नी आईपीएस अंजुम आरा के मन में आया तो उन्होंने शहीद परमजीत की पत्नी परमजीत कौर, शहीद के भाई और अन्य परिजनों से संवाद के बाद अपने मन की बात से उन्हें अवगत करवाया।

कुल्लू के डीसी यूनुस खान ने कहा कि यह उनकी पत्नी ने यह फैसला किया है। वे देश की सीमा पर पाकिस्तान की बर्बरता की घटना से अत्यंत द्रवित हैं। जिन सैनिकों की वजह से देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित है। उन सैनिकों के परिजनों को भी हम सुरक्षा दे पाएं। ऐसा हर किसी को करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी शहीद परमजीत के परिवार से बात हुई है। वह छोटी बच्ची को गोद ले रहे हैं। वतन के लिए लडऩे वालों के प्रति प्रत्येक देशवासी को फक्र होना चाहिए। शहीद सैनिकों के परिवारों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी देशवासियों को निभानी चाहिए।

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कुल्लू के डीसी शहीद सैनिक परमजीत सिंह और उनका परिवार

शहीद नायब सूबेदार परमजीत सिंह के 3 बच्चे हैं जिनमें एक 16 वर्ष की बड़ी बेटी तथा 12 वर्षीय जुड़वां बेटा और बेटी हैं। यूनुस ने छोटी बेटी को गोद लेने का निर्णय लिया है। इसको लेकर परिवार ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है। यूनुस हर माह इस बेटी के खाते में राशि भेजेंगे। यही नहीं, पढ़ाई से लेकर अन्य तमाम दायित्व का निर्वहन भी वह स्वयं करेंगे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को भी पूरा करेंगे और उसका भविष्य संवारने के लिए वह हरसंभव मदद देंगे जो जरूरी होगी।

अंजुम आरा, जोकि वर्तमान में सोलन जिला में बतौर पुलिस कप्तान मौजूद है। अंजुम आरा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने आईपीएस बनने से पहले इंजीनियरिंग में बीटैक की डिग्री हासिल की है। अंजुम 2011 बैच की आईपीएस अफसर हैं। जबकि यूनुस खान 2010 बैच के आईएएस हैं। इन दोनों की चार साल की बेटी भी है।

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