प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से देश को संबोधित किया

narendra modi lal kila

इंडिया व्यू ब्यूरो।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया है। कहा कि आजादी के 73 सालों में आज देश में लोगों का मिजाज बदल गया है। उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में निराशा का माहौल था। लेकिन पांच साल उनकी सरकार ने विकास के लिए काम किया। उन्होंने देश को हित में रखकर काम किया और इसका असर साल 2019 के चुनाव में देखने को मिला।

उन्होंने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 और 35 A को हटाने का विरोध करने वाली पार्टी पर तीन सवालों के जरिए कहा कि हम न समस्‍याओं को न टालते हैं और न पालते हैं। सरकार बनने के 70 दिन के भीतर 370 और 35 A को हमने हटा दिया और संसद ने इसे दो तिहाई बहुमत से पारित कर दिया। उन्‍होंने कहा कि जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह 70 दिन के भीतर हुआ। कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए कोई प्रखर तो कोई मूक रूप से समर्थन देता रहा है।

राजनीतिक के गलियारों में, चुनाव के तराजू से तौलने वाले कुछ लोग, 370 के पक्ष में कुछ न कुछ बोलते रहते हैं। 370 की वकालत करने वालों से देश पूछ रहा है कि अगर यह आर्टिकल इतना अहम था, तो फिर 70 साल तक इतना भारी बहुमत होने के बाद भी आपने उसे स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा। आगे आते स्थायी कर देते। आप भी जानते थे, यह जो हुआ है, सही नहीं हुआ है लेकिन सुधार करने की आपमें हिम्मत नहीं थी।मेरे लिए देश का भविष्य सबकुछ है।

उन्‍होंने कहा, ‘आर्टिकल 370 और 35 ए।।। हम न समस्याओं को टालते हैं, न समस्याओं को पालते हैं। न समस्याओं को पालने और न टालने का वक्त है। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वह नई सरकार बनने के 70 दिन के भीतर किया गया। हर किसी के दिल में यह बात पड़ी थी, लेकिन शुरू कौन करे, आगे कौन आए, शायद उसी की इंतजार था। इसलिए देशवासियों ने मुझे यह काम दिया। आपने जो काम दिया, उसी को करने के लिए आया। मेरा अपना कुछ नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शांति और सुरक्षा विकास के अनिवार्य पहलू हैं। दुनिया आज असुरक्षा से घिरी हुई है। दुनिया के किसी ना किसी भाग में किसी ना किसी रूप में मौत का साया मंडरा रहा है। विश्व शांति के लिए भारत को अपनी भूमिका निभानी होगी। भारत मूकदर्शक नहीं बना रह सकता है। भारत आतंकवाद फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है। विश्व के किसी भी कोने में आतंकवाद की घटना मानवतावाद के खिलाफ छेड़ा हुआ युद्ध है।

मानवतावादी शक्तियां विश्वभर की एक हों। आतंकवाद को पनाह देने वाले, प्रोत्साहन देने वाले, एक्सपोर्ट करने वाली ताकतों को दुनिया के सामने उनके सही स्वरूप को प्रस्तुत करना, दुनिया की ताकत को जोड़कर आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत अपनी भूमिक अदा करे। कुछ लोगों ने सिर्फ भारत ही नहीं, हमारे पड़ोस के देशों को भी तबाह कर रखा है। बांग्लादेश, अफगानिस्तान जूझ रहा है। श्रीलंका में चर्च में बैठे निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। कितनी दर्दनाक बात है। जब हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हैं तो पूरे भूभाग की शांति के लिए अपनी भूमिका अदा करते हैं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

पीएम मोदी ने कहा- आतंकवाद और हिंसा का मौहाल बनाने वालों को खत्म करना है। हमारे सैनिकों ने, हमारे सुरक्षाबलों और सुरक्षा एजेंसियों ने बहुत प्रशंसनीय काम किया है। मैं उनको नमन करता हूं। समय रहते रिफॉर्म की भी आवश्यकता हूं। अनेक सरकारों ने चर्चा की है अनेक रिपोर्ट आई है। इन सब में एक ही बात कही गई है। हमारी तीनों सेनाओं के बीच समन्वय है, लेकिन आज जैसे दुनिया बदल रही है, युद्ध के तरीके बदल रहे हैं। तब भारत को भी टुकड़ों में सोचने से काम नहीं चलेगा।

हमारी सेना को भी एकमुश्त एक साथ आगे चलना होगा। जल, थल, नभ में एक एक कदम आगे रहे दूसरा दो कदम पीछे रहे तीसरा तीन कदम पीछे रहे तो नहीं चल सकता है। तीनों एक साथ आगे बढ़ें। विश्व में बदलते हुए युद्ध और सुरक्षा के माहौल हों, इन बातों को ध्यान में रखते हुए, आज मैं महत्वपूर्ण घोषणा करता हूं। अब हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था करेंगे। इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं को प्रभावी नेतृत्व मिलेगा।

प्लास्टिक थैली  को ना

पीएम मोदी ने कहा- इस दो अक्टूबर से क्या हम सिंगल यूज थैली से देश को मुक्त करने की शुरुआत कर सकते हैं। इस दो अक्टूबर को एक मजबूत कदम उठाएं। आइए हम इसे आगे बढ़ाएं। दुकानदार दुकान के बाहर लिख दें कि हमसे प्लास्टिक की थैली की मांग न करें, कपड़े का थैला लेकर आएं। वर्ना वे खुद ही कपड़े का थैला बेचना शुरू कर दें। मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करूंगा कि दुकान पर एक बोर्ड यह भी लगाएं कि कृपया हमसे प्लास्टिक की थैली की अपेक्षा न करें। इस बार लोग दीवाली पर भी एक दूसरे को कपड़े का थैला उधार दे सकते हैं।

डिजिटल पेमेंट

पीएम मोदी ने कहा- हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना होगा। फिलहाल दुकानों पर आज नकद कल उधार बोर्ड लगा रहता है, अब डिजिटल पेमेंट को हां, नकद पेमेंट को ना का बोर्ड लगाने का वक्त है। मैं व्यापारियों को कहूंगा कि आप बोर्ड लगाते हैं- आज नकद, कल उधार। मैं चाहता हूं कि आप अब बोर्ड लगाएं- डिजिटल पेमेंट को हां, नकद को ना।

जनसंख्या विस्फोट

पीएम मोदी ने देश में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। उन्होंने देशवासियों से छोटे परिवार की अपील की। कहा कि छोटा परिवार रखना भी देशभक्ति है। पीएम ने कहा कि ऐसे लोग जो छोटा परिवार रखते हैं, सम्मान के अधिकारी हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने माना कि जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत है।

देशवासियों से भी अपील की कि जनसंख्या पर अंकुश में वे सहयोग करें। पीएम ने कहा, ‘हमारे यहां बेतहाशा जो जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। यह जनसंख्या विस्फोट हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनेक संकट पैदा करता है। यह बात माननी होगी कि देश में एक जागरूक वर्ग है, जो इस बात को भली भांति समझता है। वह अपने घर में शिशु को जन्म देने से पहले भली भांति सोचता है कि मैं उसके साथ न्याय कर पाऊंगा।

तीन तलाक खत्म

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी मुस्लिम बेटियों के सिर पर तीन तलाक की तलवार लटकी हुई थी। वे डरी हुई जिंदगी जीती थी। वे कभी भी तीन तलाक का शिकार हो सकती हैं, यह भय उनको जीने नहीं देता था। दुनिया के कई इस्लामिक देशों ने इस कुप्रथा को हमसे बहुत पहले खत्म कर दिया, लेकिन किसी ना किसी कारण से हम मुस्लिम माताओं-बहनों को हक देने से हम हिचकिचाते थे।

अगर हम बाल विवाह, सती प्रथा को खत्म कर सकते हैं दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं तो क्या न हम तीन तलाक के खिलाफ भी आवाज उठाएं। इसलिए भारतीय संविधान की भावना का आदर करते हुए मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार मिले, हमने इस महत्वपूर्ण फैसले को लिया। ऐसे निर्णय राजीतिक तराजू से तौलने का निर्णय नहीं होते हैं।

वन नेशन-वन इलेक्शन

पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश कह सकता है- एक नेशन-एक कॉन्स्टीट्यूशन। जीएसटी के माध्यम से वन नेशन वन टैक्स के सपने को पूरा किया।  पिछले दिनों वन नेशन-वन ग्रिड को सफलतापूर्वक किया। वन नेशन वन मोबिलिटी कार्ड की व्यवस्था की। आज देश में व्यापक रूप से चर्चा है, वन नेशन वन इलेक्शन।

जल जीवन मिशन की घोषणा

पीएम मोदी ने कहा- मैं लाल किले से घोषणा करता हूं कि हम आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम करेंगे और इसके लिए साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा रकम खर्च करने का संकल्प है। जल संचय, जल सिंचन हो वर्षा के बूंद-बूंद पानी बचाने का काम हो, समुद्री पानी और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट हो, माइक्रो इरिगेशन हो, पानी बचाने का काम हो,पानी का महत्व को समझें, हम लगातार प्रयास करें और इस विश्वास के साथ बढ़ें कि पानी के क्षेत्र में जितना काम हुआ है, अगले 5 साल में चार गुना तेजी से बढ़ना है। हम और इंतजार नहीं कर सकते हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

पीएम मोदी ने कहा- भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद हमारे देश को कल्पना से अधिक नुकसान किया है। दीमक की तरह हमारे जीवन में घुस गया है, इसको निकालने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं, सफलताएं भी मिली हैं, लेकिन बीमारी इतनी गहरी है कि हमें और अधिक प्रयास करना होगा, सरकारी स्तर पर ही नहीं हर स्तर पर करना होगा। यह एक ऐसी बीमारी है, जिससे लगातार लड़ना होगा। पिछले 5 साल में, इस साल आते ही सरकार में बैठे बडे़-बड़े लोगों की छुट्टी कर दी गई, जो इसमें रुकावट बनते थे।

गैरजरूरी कानूनों का खात्मा

पीएम मोदी ने कहा-  हमने गैर जरूरी कई कानूनों को खत्म किया। मैंने पिछले 5 सालों में एक प्रकार से प्रतिदिन 1 गैरजरूरी कानून को खत्म किया था। देश के लोगों के शायद यह बात पहुंची नहीं होगी, 1450 कानून खत्म किया था। अभी 10 सप्ताह में 60 ऐसे कानूनों को खत्म किया है। हम ईज ऑफ लिविंग को आसान बनाना चाहते हैं।

5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी

पीएम मोदी ने कहा-  130 करोड़ देश वासी यदि छोटी-छोटी चीजों को लेकर चल पड़ें तो 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी, कइयों को मुश्किल लगता है, लेकिन मुश्किल काम नहीं करेंगे तो देश आगे कैसे बढ़ेगा। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी हमें हमेशा ऊंचे निशान रखने चाहिए। हमने भी रखा है, लेकिन वह हवा में नहीं है। 70 साल में हम 2 ट्रिल्यन डॉलर इकॉनमी में पहुंचे। 2014-2019 में हम 2 से 3 ट्रिलियन हो गए। अगर 5 साल में इतना बड़ा जंप लगाया तो हम आने वाले 5 साल में 5 ट्रिलियन डॉलर बन सकते हैं। यह सपना हर देशवासी का होना चाहिए। साभार प्रभातखबर

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