‘ऑउट ऑफ द बॉक्स’ काम का सम्मान मिला आईपीएस निशांत को

nishant ips

इंडिया व्यू के लिए जयप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट।

जब किसी व्यक्ति के कार्यों से उसकी पहचना बनने लगे तो वह व्यक्ति ‘हस्ताक्षर’ बन जाता है। इसी तरह बिहार के एक युवा आईपीएस अधिकारी को उनका ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ काम ने ‘हस्ताक्षर’ बना दिया है।

पूर्णिया के एसपी निशांत तिवारी को ऑस्ट्रेलिया में नवाजा गया है। ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स स्टुअर्ट यूनिवर्सिटी की ओर से यह सम्मान दुरहम रीजनल पुलिस सर्विस सेवा, कनाडा के पुलिस प्रमुख प़ॉल मार्टिन ने दिया। इससे पहले भी उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सम्मानित किया था।

आईपीएस निशांत की पहचना अपनी सेवा के दौरान नए-नए पहल व प्रयोग के लिए है। पूर्णिया में गरीब बच्चों के लिए शाम की पाठशाला और उसमें खुद शिक्षक के रुप में पढ़ाना आदि, इनके पहल की एक बानगी है। जबकि बिहार में पहली बार ऑनलाइन फोन पर प्राथमिकी दर्ज करने का श्रेय इन्हीं को जाता है।

फोटोग्राफी में उनकी गहरी रुचि है। चंपारण, बोधगया और नालंदा के ऐतिहासिक स्थलों की जीवंत फोटोग्राफी पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने पहली बार कॉफी टेबल बुक प्रकाशित किया है।

आईपीएस करने के पूर्व निशांत अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। इनकी पत्नी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। हंसमुख स्वभाव के श्री तिवारी 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 1995 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की 10वीं की परीक्षा में राज्य में टॉपर रहे। वे नेतरहाट स्कूल के छात्र रहे।

4 Responses to ‘ऑउट ऑफ द बॉक्स’ काम का सम्मान मिला आईपीएस निशांत को

  1. narayan singh says:

    congratulations Nishant sir

  2. shailendra kumar says:

    really we proud of you ssp sahab

  3. shailendra kumar says:

    really we proud of you

  4. SaritaBoodhoo says:

    I am proud of IPS Nishant Tiwary who made it possible for meto undertake a research tour of Champaran in2011.Congratulations to such courageous and dedicated out of the box doers and achievers of modern India
    SARITA Boodhoo,Mauritius

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