एक झटके में सरकारी नौकरी छोड़ कर पटना के रमांशु लौट आए बच्चों के पठन पाठन में

RMANSHU JI

-जय प्रकाश

पटना। अब बात एक ऐसे युवक की। जिसके अध्ययन, अध्यापन की भूख आज भी नहीं मिटी है। जी, हां हम बात कर रहे हैं रमांशु मिश्र की। आपका उत्तर प्रदेश के बलिया से तालुक है। आपने शिक्षा लखनऊ एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त करने के बाद पटना को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। कुछ दिन बिहार सरकार में नौकरी भी की। नौकरी में मन नहीं रमा और लौट आए बच्चों के पठन पाठन में।

पटना एवं बिहार के अन्य जिलों में श्री रमांशु मिश्र प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों की मदद करते हैं और बदले में सांकेतिक शुल्क के रूप केवल एक रूपये का आर्थिक योगदान लेते हैं। आपकी ‘एक रूपये की कक्षा’ मुहिम रंग ला रही है। रविवार एवं शनिवार हजारों छात्र-छात्राएं आपकी कक्षाओं में शामिल होते हैं। आप निशुल्क जीएस के लिए टेस्ट पेपर ऑनलाइन जारी करते हैं। जिसका लाभ पटना एवं बिहार से बाहर के छात्र भी ले रहे हैं। आपकी इन कक्षाओं का लाभ उठाकर हर साल सैकड़ों बच्चें सरकारी नौकरी पाने में सफल हो रहे हैं।

आप निशुल्क जीएस के लिए टेस्ट पेपर ऑनलाइन जारी करते हैं। जिसका लाभ पटना एवं बिहार से बाहर के छात्र भी ले रहे हैं। आपकी इन कक्षाओं का लाभ उठाकर हर साल सैकड़ों बच्चें सरकारी नौकरी पाने में सफल हो रहे हैं।

बदलाव की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए इसी साल  31 मार्च को बदलाव के सारथी’ सम्मान से सम्मानित किया गया। आपको सम्मान देते हुए हम सभी को बेहद खुशी हुई है। आपसे बहुत प्रेरणा एवं ऊर्जा मिली है। हम सभी आपके लिए कामना करते हैं कि ऐसे ही निरंतर आप छात्र-छात्राओं के भविष्य का निर्माण करते रहें।

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