अमनौर टू अमेरिका…प्रभाकर को बॉलीवुड ने ठुकराया, अमेरिका ने अपनाया

enredados-5094

नई दिल्ली से इंडिया व्यू के लिए जय प्रकाश की रिपोर्ट

नाम प्रभाकर शरण, उम्र महज 36 साल, छपरा, अमनौर का निवासी, पटना में पढ़ाई, मोतिहारी में परवरिश, हरियाणा से जिंदगी की उड़ान और अब लैटिन अमेरिका के इतिहास का पहला भारतीय फिल्मी हीरो।

कुछ इस तरह की यात्रा प्रभाकर शरण की रही है। इनके जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। जिस प्रभाकर को मुंबई फिल्मी दुनिया में काम नहीं मिला, उन्हें लैटिन अमेरिका में पहले भारतीय अभिनेता होने का खिताब मिला। प्रभाकर की स्पैनिश फिल्म इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन’ की जो पटकथा है। शायद वह इनके जीवन सा ही लगता है।

 

दरअसल, छपरा से कुछ दूरी पर स्थित शहरीनुमा गांव अमनौर के रहने वाले प्रभुनाथ शरण और माता सुभद्रा प्रसाद के छोटे पुत्र प्रभाकर शरण हैं। जिन्हें लैटिन अमेरिका के कोस्टारिका में स्पैनिश फिल्म इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन’ में बतौर अभिनेता हैं।

कहा जाता है कि अगर आपके सपनों में दम है तो उसे पूरा करने से रोक नहीं सकता है।

1-77

प्रभाकर शरण जीवन की कुछ जानकारी साझा करते हुए कहते हैं पटना सेंट्रल स्कूल में मेरा दाखिला हुआ। मगर, मन तो एक्टिंग में था। 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए मैं सोनीपत हरियाणा चला गया। लेकिन, मेरा तो मन रमता था अखाड़ों में। मैंने अखाड़ों से अभिनेता बनने का क, ख, ग, घ सीखा।

आगे बताते हैं मेरे पिता और मां दोनों ग्रामीण बैंक मैनेजर थे और मोतिहारी व बेतिया में रहते थे। एक बार मनोज वाजपेयी के पिताजी का पत्र लेकर मुंबई फिल्मी दुनिया में करियर बनाने निकला। लेकिन, सफल नहीं हो पाया। और उसके बाद तमाम परेशानियां पीछा नहीं छोड़ रही थी।

इसके बाद भी प्रभाकर ने हार नहीं मानी और जिंदगी को नए सिरे गढ़नी शुरू कर दी।

वे बताते हैं नई जिंदगी की तलाश में मैं लैटिन अमेरिका के कोस्टारिका आ पहुंचा। लेकिन, असफलता और संघर्ष का रिस्ता तो पुराना था। जिसका साथ यहां भी रहा। पहले कपड़ा  की दुकान, भारतीय व्यंजन और फिर भारतीय मिट्टी बेचकर जिंदगी चलाया। लेकिन, फिल्म में काम करने की हसरत कम नहीं हुआ। मुंबई में कई लोगों से संपर्क किया कि कोस्टारिका में फिल्म बनाई जाए। लेकिन, कोई तैयार नहीं हुआ। भाषा की दिक्कत, फिल्म की संस्कृति नहीं और भी कई तरह की परेशानियां अड़े आती थीं। कई निर्देशकों ने कोस्टारिका में फिल्म बनाने से इनकार कर दिया। जी विश्वनाथ भी आए। लेकिन, सफल नहीं हो पाए।

enredados-trailer-7709-1

प्रभाकर ने अपनी जिंदगी में तमाम उतराव-चढ़ाव देखा। कोस्टारिका की लड़की से शादी भी हुई, तलाक भी हुआ। एक बेटी भी हुई और दूर चली गई। इस पर प्रभाकर कहते हैं मेरी तो शादी संर्घष से हुई। जिसका साथ हमेशा बना रहता है।

फिलहाल, प्रभाकर के सपने पूरे हो रहे हैं और वे इनरेदादोस: ला कन्फ्यूजन’ में मुख्य अभिनेता हैं। अंग्रेजी में इस फिल्म को ‘इनटैंगल द कन्फ्यूजन’ और हिंदी में इसे “प्रेम और उसका भ्रमजाल” कहा जा सकता है। हालांकि हिंदी में इसका नाम अभी तय नहीं किया गया है।

यह सेंट्रल अमेरिका की पहली एक्शन फिल्म और लैटिन अमेरिका की पहली बॉलीवुड स्टाइल की फिल्म है। इसका निर्देशन बॉलीवुड के आशीष आर मोहन और राकेश शर्मा जैसे दिग्गज निर्देशक कर रहे हैं। 9 फरवरी 2017 को फिल्म अमेरिका सहित 14 देशों में रिलीज हो रही है। प्रभाकर की इच्छा है कि वे इसे भोजपुरी में भी रिलीज करेंगे।

फिल्म वहां के प्रेसिडेंट और संस्कृति मंत्री के हाथों रिलीज किया जाएगा। फिल्म आने से पहले ही लैटिन अमेरिका सहित भारत में धूम मचाए हुए है।

प्रभाकर अपने इस सपने को पूरा होते देख कहते हैं मेरे दाहिने कंधे का लिगामेंट जख्मी है, आखों में चोट है फिर भी मुझे खुशी हो रही है कि मेरे सपने पूरे हो रहे हैं। जिसका सारा श्रेय मेरे पिता और मां को जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *