अमेरिका की नौकरी छोड़कर शाश्वत चंपारण में करेंगे खेती

shaswat gautam

इंडिया व्यू के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

अमेरिका के मेरीलैंड राज्य में जलापूर्ति आयोग में वरीय अधिकारी शाश्वत गौतम अब अपनी मातृतभूमि की सेवा करेंगे. पूर्वी चंपारण में चैता के रहनेवाले शाश्वत पिता डॉ रामजी सिंह की तरह खेती करेंगे. इसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया है. खेती के साथ राजनीति में भी शाश्वत सक्रिय रहेंगे. अभी वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं.

शाश्वत के दादा गजाधर सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे, जबकि इन्हें पिता डॉ रामजी सिंह पेशे से चिकित्सक थे, लेकिन जीवन पर खेती करते रहे. हाल में ही उनका निधन हुआ, तो शाश्वत अमेरिका से गांव आये. अभी गांव में ही हैं. शाश्वत के पिता मूल रूप से कांग्रेसी थे. वो एआइसीसी के सदस्य भी रहे. 1990 में चुनाव लड़े, लेकिन तब टिकट भाजपा ने दिया था. शाश्वत भी परिवार की विरासत को आगे बढ़ायेंगे.

भारत के शिक्षा और संचार मंत्रलय व बोस्टन एमआइटी के बीच समन्वयक का काम कर रहे थे, जिसका उदेशय़ गांव-गांव और कॉलेजों तक इंटरनेट की पहुंच पर काम करना था. 2011 में ही शाश्वत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संपर्क में आये थे, तभी मुख्यमंत्री ने इन्हें अपना सलाहकार बना लिया था.

2011 में ग्लोबल लीडर फेलोशिप के लिए अमेरिका की जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ने शाश्वत का चुनाव किया था, तब दुनिया के पांच छात्रों में इनका चयन हुआ था. यूनिवर्सिटी में दाखिले के साल ही शाश्वत ने वहां सीनेटर का चुनाव लड़ा और जीते. इसके बाद विवि की शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष बने. बेहतर काम के लिए इन्हें बेस्ट सीनेटर के अवार्ड से भी नवाजा गया. ह्वाइट हाउस में भी इन्हें बुलाया गया था. 2012 में शाश्वत मेरीलैंड राज्य के जलापूर्ति आयोग में अधिकारी बने और वहां काम करने लगे.

शाश्वत, तब से अब तक वरीय अमेरिकी अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. पांच साल की नौकरी के दौरान अधिकारी के रूप में शाश्वत एक दर्जन से ज्यादा देशों की यात्र कर चुके हैं. 2010-1 1 के बीच कम्प्यूटर और इंटरनेट ज्ञान के विकास के लिए भारत सरकार के साथ भी काम कर चुके हैं. तब ये भारत के शिक्षा और संचार मंत्रलय व बोस्टन एमआइटी के बीच समन्वयक का काम कर रहे थे, जिसका उदेशय़ गांव-गांव और कॉलेजों तक इंटरनेट की पहुंच पर काम करना था. 2011 में ही शाश्वत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संपर्क में आये थे, तभी मुख्यमंत्री ने इन्हें अपना सलाहकार बना लिया था. ये मुख्यमंत्री को विभिन्न मुद्दों पर सलाह देते रहे हैं.

2 Responses to अमेरिका की नौकरी छोड़कर शाश्वत चंपारण में करेंगे खेती

  1. Rakesh Singh Parmar says:

    नमस्कार भाई साहब अत्यंत ही उत्तम विचार है आपका विहार के पवित्र धरती पर स्वागत है इस दुआयो के साथ की आपको किसी की नजर ना लगे खासकर सरकारी बाबुओं और सत्ता में बैठे महानुभावो की आपको आपके इस साहसी निरनय पर हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाएं सवीकार करें राकेश सिंह परमार पूर्वांचल समाज

  2. Dr Dhiresh Kulshrestha Associate Professor Economics says:

    very good step taken by Mr. Shashwat ji. India is much more need like you people. appreciable

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