एक सफल कहानी संजय की…जिद ने बदली जिंदगी

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इंडिया व्यू के लिए जय प्रकाश की रिपोर्ट।

“अगर आसमां की जिद है बिजलियां गिराने की तो/ मेरी जिद है आसियां वहीं बनाने की” -संजय सिन्हा

यह एक बानगी है। यह सच है कि जिद से जिंदगी बदली जा सकती है। जिद से जहां बदला जा सकता है। जिद से सपने बुने जा सकते हैं और उसे साकार किए जा सकते हैं। संजय सिन्हा ऐसे शख्सियत हैं जिन्होंने जिद ठानी और पूरी कयानात बदल डाली। इसमें कोई शक नहीं है कि अगर इंसान किसी चीज़ को दिल से चाहे तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे उस चीज़ को हासिल करने से रोक नहीं सकती है।

यह गाथा ऐसे ही एक बुलंद हौसले और मजबूत इरादों से संपन्न संजय सिन्हा को समर्पित है। संजय सिन्हा की जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जब अभावों ने दस्तक दे चुके थे। लेकिन, फिर भी इन्होंने हार नहीं मानी और सफलता की अनोखी कहानी लिखी। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ी। मगर आज यह हमारे बीच सफल बिजनेसमैन की श्रेणी में शुमार हैं। सर्विस सेक्टर की नामी कंपनी फ्रंटलाइन ग्रुप के चेयरमैन हैं। करीब 300 करोड़ के कारोबार का यह ग्रुप है।

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संजय सिन्हा ने जहां चाह वहां राह के सपने को साकार किया

संजय सिन्हा कहते हैं ”मेरे जीवन में काफी उतार-चढ़ाव आया। पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक तंगी की हालात से गुजरना पड़ा।”

बातचीत में अचानक भावुक होकर श्री सिन्हा पुरानी बातों को याद करते हुए कहते हैं “भाई क्या बताऊ। मेरे पास सुमो गाड़ी होती थी। दोस्तों से पैसे लेकर तेल डालना पड़ता था। ऐसे दिन से गुजरना पड़ा है। हां लेकिन, मैंने हिम्मत नहीं हारी”

संजय सिन्हा का जन्म 31 मार्च, 1967 को है। ये मूल रुप से बिहार, पटना से हैं। लेकिन, पिता रमेश चंद्र प्रसाद, दिल्ली स्थित पूसा संस्थान में काम करते थे। पिता के सेवानिवृत होने के बाद इनका पूरा परिवार पास के इंद्रपुरी के एक छोटे से मकान में रहने लगा। कुछ वर्षों के बाद पिता का साया नहीं रहा और पूरे परिवार की जिम्मेवारी संजय सिन्हा के ऊपर आ गई।

संजय सिन्हा की सफलता की कहानी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है। जिन्होंने मां, भाई, बहन के साथ एक बड़ा परिवार खड़ा किया। पत्नी सोनिया सिन्हा इनके कामयाबी की बड़ी कारक हैं।

एक बेहद ही समान्य परिवार में पैदा हुए संजय सिन्हा की जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही। गांव में जमीन भी ज्यादा बड़ी नहीं थी कि अनाज बेचकर भी अच्छे से घर का गुजारा हो सकता था। पूरे परिवार को कम-से-कम दो जून की रोटी की खातिर संजय सिन्हा को निजी सुरक्षा की कंपनी में काम करनी पड़ी।

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कहते हैं हर कामयाब इंसान के पीछे किसी महिला का हाथ होता है। सो संजय सिन्हा की कामयाबी मे पत्नी सोनिया का महत्वपूर्ण योगदान है।

पटेल नगर के फेथ एकेडमी और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी करने के बाद श्री सिन्हा ने घर की जिम्मेवारियों में हाथ बंटाना आरंभ कर दिए। सिन्हा बतातें हैं कि “दो भाई और बहनों में मैं सबसे बड़ा था। जाहिर है परिवार की जिम्मेदारी में पिता का हाथ बंटाना मेरा फर्ज भी था।” लेकिन संजय सिन्हा ने किसी भी हाल में अपनी जिद को नहीं छोड़ना चाहते थे। तमाम छोटी-छोटी नौकरियों से अपने आप को किनारा कर लिया और एक नई यात्रा की शुरुआत कर दी।

यह बात 2006-07 की रही होगी। संजय सिन्हा ने अपने ही दम पर मंजिल पाने के जुनून में कुद पड़े। कुछ मित्रों के राय-विचार कर सेवा क्षेत्र में काम करने को ठान लिया। इस साल इन्होंने फ्रंटलाइन बिजनेस सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड एक कंपनी की नीव डाली। और कारोबार की शुरुआत कर दी। संजय सिन्हा कंपनी को खड़ा करने और गति देने के लिए खुद फिल्ड में निकलते थे। कहते हैं “बाजार में मेरा नाम नया। मेरे लिए कारोबार नया। कंपनी भी नई थी। लेकिन, मेरे साथ यात्रा की शुरुआत करने वाले मेरे मित्र और मेरे छोटे भाई पुष्पेश सिन्हा का अहम योगदान था। हर रोज सुबह हम लोग काम की तलाश में निकलते थे”

अगर दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी कठिनाई इंसान को नहीं डिगा सकती। अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़-संकल्प होकर डटे रहे और अंत में सफलता का स्वाद चखे।

-संजय सिन्हा, चेयरमैन, फ्रंटलाइन ग्रुप

चंद दिनों में बाजार का भरोसा फ्रंटलाइन और संजय सिन्हा के काम पर होने लगा। सर्विस सेक्टर में काम की सराहना होने लगी। एक के बाद एक लोग जुड़ते गए। तमाम बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी हुई। निजी सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ टेलीक़ॉम सेक्टर में भी काम मिलने लगे। और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। संजय सिन्हा कहते हैं “फ्रंटलाइन आज हजारों कर्मठ और मेहनती लोगों का एक परिवार है।“ फ्रंटलाइन की देशभर में शाखाएं हैं। सभी राज्य के राजधानियों सहित तमाम बड़े शहरों में बिजनेस ऑफिस है।

संजय सिन्हा का मानना है कि अगर दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी कठिनाई इंसान को नहीं डिगा सकती। अपने लक्ष्य को लेकर संजय सिन्हा दृढ़-संकल्प होकर डटे रहे और अंत में सफलता का स्वाद चखे। इनकी सफलता से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि जिंदगी की राह में हमें अनगिनत बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, हमें उसका डटकर मुकाबला करने की जरुरत है न कि हार मान लेने की।

18 Responses to एक सफल कहानी संजय की…जिद ने बदली जिंदगी

  1. सुरेंद्र सिंह says:

    जियो मेरे लाल। बिहार का नाम आपने रौशन कर दिया। इंडिया व्यू को भी धन्यवाद जिसने आपकी कहानी को गढ़ा।

  2. manoj kumar says:

    happy birth dada. chha gaye bhai.

  3. prakash mishra says:

    sach hai ki jid se zindagi badli ja sakti hai. snajay sinha ji ne sabit kar diya hai

  4. Chetan anand says:

    Sir you are the real inspiration for youngsters. As one day I will be also going to achieve my goal in this industry…. And make my bojpuria Samaj proud.

  5. राकेश सिंह परमार says:

    संजय सिन्हा जी के माध्यम से समस्त युवायो को प्रेणीत करने वाले लेखक श्री जयप्रकाश मिश्र जी को बहुत बहुत धन्यवाद देता हूँ की आपने आज के सफल बिजनेसमेन के संधर्ष के बारे मे हमें अवगत करा कर हमें प्रोत्साहित किया धन्यवाद आपका आभार राकेश सिंह परमार पूर्वांचल समाज

  6. Kishan Kumar says:

    Sach h agar hausale buland ho to har paristhitiyon se lada ja sakta h aur kamyabi payi ja sakti hai.

  7. Pankaj jha says:

    Great sir

  8. Ashish Seivastav says:

    Great show Sanjay. God bless you

  9. Gopal krishan mohan says:

    MR. SINHA YOU ARE GENIUS YOU HAVE DONE AND SHOWED THAT IF PERSON HAVE A WILL HE MAKES HIS WAY. PEOPLE HAS TO LEARN A LESSON FROM SUCH PERSON WHO STAND HIS FAMILY ON SUCH HEIGHTS. IT IS FAMILY WHO STAND FOR HIM AND BROTHER WHO ALWAYS RESPECT. GOD BLESS THEM ALL.

  10. Vinod rathore says:

    Bahut achee bat likhi apne, uske liye thanks…
    Me bhi ek succes interprener banna chahata hu..

  11. Vinod rathore says:

    Maine bhi ek business start kiya he,
    Redimet garments ka.. agar apko iske bare me jyada jankari ho to post jarur likhiyega..

    Vinod rathore
    Shiva ji foundation

  12. Rahul Raj says:

    Great Sanjay Sir,
    Source of inspiration for all youngster’s who has newly joined business….

  13. Anil jaiswal says:

    Aapne apni life main bahut mehnat kari sir jiske kaaran hajaaro aadmi aaj roji roti kama rahe hai.
    We are proud of you sir …..Bhagwaan aapko humesha ese hi har jagah success de.

    Regards

    AJ

  14. Nakul says:

    Sir you are and always have been an inspiration to us all … Jai Mata di. You have helped shape many careers, professional lives and showed how to transform my mistakes into skills.
    I really appreciate everything that you have taught me!

  15. Shivani Varma says:

    Great Bhai Sb …these achievements n the success of ur life is the result of ur persistent efforts and hard work over a long period …u hv proved that if you want something you’ve never had , you must be willing to do something you’ve never done..we all r the witnesses…God bless you Bhai sb ..May you meet more success n glory in ur life ahead

  16. JITENDER PAWAR says:

    भाई साहब को दिल से SALUTE हैं।
    आपकी जिंदगी से मुझे बहुत प्रेरणा सिखने को मिली।

    आपका छोटा भाई :- जितेन्द्र पवार

  17. Jasmeet singh says:

    Happy birthday in Advance sir.When you hit rock bottom like this, experience the stress and truly fight in order to survive, you will not only appreciate the value of money. You will also realize that you don’t need much, that you need very little to get by. You learn to appreciate the simple things in life.Gbu sir

  18. Lakshmi kant says:

    Sir really u have proved that we are not helpless and we should make our way by ourself,this is a inspirable story, thank uu sir

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