“महादलित छात्रों को ‘जिंदगी’ से जोड़ने की जिद”

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इंडिया व्यू के लिए ओमप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट।

चौकिए! नहीं जनाब ये हमारे महादलित भाई ही हैं। दिल्ली से पढ़ाई कर अपने गांव में लौटे एक नौजवान ने अपने ही गांव के दिलीप राम को फराटेदार अंग्रेजी में बात करते हुए देखकर चौक गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि महादलित परिवार के बच्चे बिना किसी अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाई किए वगैर ही कैसे अंग्रेजी बोल पा रहे हैं।

दरअसल, यह सबकुछ तब संभव हुआ जब गोपालगंज जिले के हजियापुर निवासी व शिक्षाप्रेमी श्री कुंजबिहारी श्रीवास्तव ने महादलित बच्चों को स्पोकेन इंग्लिश सिखाने का जिम्मा उठाया।

‘‘ब्रिटिश लिंगुआ की गोपालगंज में  स्थापना की गई और राज्य सरकार के सहयोग से महादलित बच्चों को अंग्रेजी में बातचीत करने का जिम्मा उठाया गया है’’

श्री श्रीवास्तव आगे कहते हैं कि एक टीम के प्रयास से गांव-गांव व टोले टोले से महादलित परिवार के होनहार बच्चों का चयन किया गया। जिसके बाद सभी बच्चों को उनकी  प्रतिभा निखारने के लिए तरह-तरह के उपाय किए गए। सबसे पहले अंग्रेजी में बातचीत करने, किसी कार्यालय में प्रवेश करने व अधिकारी वर्ग से बातचीत करने के सलीके को सिखाया गया।

इसका असर यह हुआ कि जिले का कोई ऐसा ब्लॉक व कस्बा नहीं है जहां महादलित के बच्चे अंग्रेजी में बातचीत करते न मिलें।

आगे कुंजबिहारी कहते हैं “ जब महादलित बच्चों को अंग्रेजी सिखाने की बात शुरू हुई तो काफी मशक्कत करनी पड़ी। गांव के बच्चे पहले अंग्रेजी के डर से थरथर कांपते थे। जैसे लगता उन्हें भूत पकड़ लेगा। अंग्रेजी की कक्षा में आने को तैयार नहीं थे, उनके टोले में जाकर उनसे मित्रता करनी पड़ी, उनके अंदर से अंग्रेजी काडर निकालना पड़ा। उन्हें तरह-तरह के प्रोत्साहन देना पड़ा। तब जाकर वे धीरे-धीरे आना शुरू किए”

महादलित के बच्चे कई किलोमीटर पैदल और साइकिल चलाकर गोपालगंज जिला मुख्यालय स्थित क्लास करने आने लगे। अंग्रेजी सिखने के साथ ही उनके चेहरे पर आत्मविश्वास भर आया।

इस पर श्री कुंजबिहारी का कहना है कि अंग्रेजी सिखाने के साथ ही उन्हें सरकारी दफ्तरों में घुमाने व काम काज से रू-ब-रू करने की भी योजना पर काम किया गया। जिसके बाद न वे सिर्फ अंग्रेजी बोलना सिखे, बल्कि अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम करने लगे।

आगे भी बिरबल झा की प्रेरणा से इस वर्ष भी ऐसी योजना पर काम किया जा रहा है।

3 Responses to “महादलित छात्रों को ‘जिंदगी’ से जोड़ने की जिद”

  1. Barnali says:

    really its good…this man is thinking out of box. keep it up

  2. Rohit pabdey says:

    Well done kunj bihari ji ,aapke mehant aur satak prayaas se ye sambhav ho paya hai.hame puri ummid hai ki aap ish prayaas ko aage bhi jari rakhenge.

  3. Rajesh kumar says:

    असली अभिनेता।

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